by admin on | Nov 13, 2024 06:30 PM
जांजगीर चांपा -: जांजगीर का कृषि विभाग इन दिनों खूब चर्चा में हैं. यहां के अधिकारी और एक उनके ही कर्मचारी के बीच तकरार जम कर चल रहा हैं. तकरार क्या है, यह हम आपको बताते हैं. दरसल मामला अधिकारी एवं कर्मचारियों के बीच आपसी लड़ाई का है.अधिकारी को उनके ही अधीनस्थ एक कर्मचारी ने रंगे नोटो के साथ फंसाने की धमकी दे डाली, जिसके चलते यह विभाग चर्चा में है.
अब आपको बताते हैं इसके पीछे की कहानी क्या है…दरसल जांजगीर के कृषि विभाग में जब से नए डीडीए का पदस्थापना हुआ है. तब से यहां के एक कर्मचारी जिसका जिम्मेदारी पूरे विभाग के अलावा बाहरी लोगों को भी मैनेज करने की थी, उसकी उस जिम्मेदारी को अब नए साहब द्वारा हटा कर विभाग के एक अन्य कर्मचारियों को दे दिया गया है. तब से दोनो के बीच लड़ाई शुरू हो गया हैं. क्योंकि उस कर्मचारी को विभाग का पूरा तजुर्बा था. कहां से कितना,कैसे,पैसा लाना हैं. पूरी तरह वह कर्मचारी सभी को अपने तरीके से मैनेज भी करता था. इसके पीछे कमाई भी खूब करता था.पूरे विभाग में उसकी तूती बोलती थी.जिसके चलते धीरे-धीरे वह कर्मचारी भी अपने आपको उस विभाग के अधिकारी से कम नहीं समझने लगा. लेकिन जब विभाग में नए साहब का पदस्थापना हुआ तब से अधिकारी ने उस कर्मचारियों को किनारे लगा दिया है. और उसका प्रभार किसी और कर्मचारी को दे दिया हैं.बस कहानी यहीं से शुरू होती है…
अब उस हटाए गए कर्मचारी के दिमाग में सिर्फ एक ही बात घूम रहा है कि किसी तरह इस अधिकारी को सबक सिखाया जाए. और वह अपने दिमाग से पूरे विभाग में यह बात फैला दिया कि अगर मेरे जानकारी में यह बात आ जाती है कि, अधिकारी द्वारा किसी से पैसे ले रहा हैं, तब मैं रंगे नोटों के साथ एक दिन जरूर उस अधिकारी को पकड़वा दूंगा और उसकी नौकरी खा जाऊंगा. इस तरह अधिकारी एवं कर्मचारियों में तकरार खुल कर सामने आ चुका है. वह कर्मचारी भी अपने आप को एक अधिकारी से कम नहीं समझ रहा है, और अधिकारी भी अब उस कर्मचारी को सबक सिखाने में लग गया है. अब कृषि विभाग में कृषि से संबंधित काम कम और लड़ाई झगड़ा ज्यादा चल रहा है. इसके पीछे की कहानी वही है कि कहां से कौन कितना कलेक्शन करके ला सकता है…और साहब को हिसाब सही सही दे सकता हैं. अब अधिकारी भी अपने पर आ गया है. सारा अवैध कमाई दूसरे के भरोसे नहीं छोड़कर अपने पास रखना चाहता है.
सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार अधिकारी का कहना है कि एक कलम चलाने की देरी है अगर मैं अपने में आ गया तो उसकी औकात दिखा दूंगा। जब तक मैं भी चुप बैठा हूं तब तक ठीक है, नहीं तो उसकी नौकरी दो मिनट में चले जाएगी। दोनो की बीच की लड़ाई अब आगे बढ़ गई हैं. जानकारी के अनुसार इसके पीछे मीडिया से संबंधित एक आदमी का भी हाथ है. जो अधिकारी को भी चने के झाड़ में चढ़ाकर मजा लेना चाह रहा है। हालांकि अधिकारी भी कोई दूध का धुला नहीं है.अधिकारी के ऊपर भी पूर्व भी कई भ्रष्टाचार के गंभीर आरोप लगे हैं. जिसके चलते उस कर्मचारि का हौसला और भी बढ़ा हुआ है. अब दोनों के बीच लड़ाई थमने का नाम नहीं ले रहा हैं अब यह देखना होगा कि दोनो की बीच की लड़ाई कहां तक पहुंचती है।
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