छत्तीसगढ़ Raipur

छत्तीसगढ़ के कृषि मंत्री रामविचार नेताम भीषण सड़क हादसे का हुए शिकार… सिर पर आई चोट… गंभीर हालत में लाया गया अस्पताल…।

by admin on | Nov 23, 2024 06:25 PM

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छत्तीसगढ़ के कृषि मंत्री रामविचार नेताम भीषण सड़क हादसे का हुए शिकार… सिर पर आई चोट… गंभीर हालत में लाया गया अस्पताल…।

छत्तीसगढ़ की सड़के जिम्मेदार या फिर ड्राइवर...मंत्री जी हुए घायल?

छत्तीसगढ़ के कृषि मंत्री रामविचार नेताम भीषण सड़क हादसे का हुए शिकार… सिर पर आई चोट… गंभीर हालत में लाया गया अस्पताल…।

मंत्री जी के प्रति संवेदना या सहानुभूति....छत्तीसगढ़ के इन्हीं सड़कों पर न जाने रोज़ाना कितने आम नागरिक की होती है मौत..!

अब सवाल यह बनता है कि खराब सड़कों के कारण हो रहे हादसों के लिए कौन है जिम्मेदार?

"आदित्य गुप्ता"

रायपुर-: कृषि मंत्री रामविचार नेताम सड़क हादसे का शिकार हुए हैं। उन्हें ग्रीन कॉरिडोर बनाकर रायपुर लाया गया है। डाक्टरों की गहन निगरानी में उनका इलाज शुरू हो गया है। सिटी स्कैन में भी स्थिति बहुत ज्यादा गंभीर दिख नहीं रही है। हालांकि अभी उनका आबर्जेवेशन चलेगा। हादसा उस वक्त हुआ, जब कृषि मंत्री रामविचार नेताम एक कार्यक्रम के बाद वापस रायपुर लौट रहे थे। उसी दौरान बेमेतरा जिले में मंत्री की गाड़ी दुर्घटनाग्रस्त हो गयी।जानकारी के मुताबिक हादसे के वक्त काफिले में एक गाड़ी घुस गयी, जिसकी वजह उन्हें गंभीर चोट आयी है। मंत्री रामविचार नेताम को एम्बुलेंस से रायपुर लाया जा रहा है। घटना बेमेतरा के जेवरा गांव के पास घटना घटी है। डाक्टरों के मुताबिक उनकी कलाई में चोट है। वहीं सर में कुल क्लाटिंग दिख रही है। डाक्टरों ने कहा है कि चिंता की बात नहीं है।

इधर सड़क दुर्घटना घायल हुए मंत्री रामविचार नेताम के जल्द स्वस्थ्य होने की कामना मुख्यमंत्री ने की है। मुख्यमंत्री ने सोशल मीडिया हैंडल पर पोस्ट कर कहा है कि... कैबिनेट के हमारे वरिष्ठ साथी श्री रामविचार नेताम जी के कार दुर्घटना में चोटिल होने की सूचना प्राप्त हुई है। प्रभु श्रीराम से उनके जल्द से जल्द स्वस्थ होने की प्रार्थना करता हूँ।


जानकारी के मुताबिक वह कवर्धा-बेमेतरा के रास्ते से रायपुर लौट रहे थे। तभी हाईवे में उनकी कार पिकअप से टकरा गई। मंत्री की गाड़ी बुरी तरह से क्षतिग्रस्त हो गई है उनके सिर पर भी चोट आई है। यह हादसा रायपुर- बेमेतरा मार्ग पर जेवरा गांव के पास हुआ। गंभीर हालत में मंत्री राम विचार नेताम को रायपुर लाया गया है। इधर एंबुलेंस सेवा और प्रशासन के सक्रिय प्रयासों से सभी घायलों को ग्रीन कारिडोर बनाकर तत्काल रायपुर लाया गया। मंत्री सहित अन्य घायलों का इलाज रायपुर के रामकृष्ण अस्पताल में किया जा रहा है। मंत्री नेताम के हाथ और पैरों में चोटें आईं, और वे कुछ समय के लिए बेहोश भी हो गए थे। उन्हें पचपेड़ी नाका स्थित एक प्राइवेट अस्पताल में भर्ती किया गया है। अस्पताल में स्वास्थ्य मंत्री जायसवाल के साथ रायपुर और बेमेतरा के कलेक्टर भी मौजूद हैं। मंत्री राम विचार नेताम शुक्रवार को कवर्धा दौरे पर थे। यहां से वे रायपुर वापस आ रहे थे, इसी दौरान हादसे का शिकार हो गए। छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने लिखा कि, मैं प्रभु श्री राम से उनके जल्द स्वस्थ होने की कामना करता हूं।


कवर्धा दौरे पर थे मंत्री रामविचार नेताम

कृषि मंत्री राम विचार नेताम शुक्रवार को कवर्धा दौरे पर थे। यहां से वे रायपुर वापस आ रहे थे, इसी दौरान हादसे का शिकार हो गए। छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने लिखा कि, मैं प्रभु श्री राम से उनके जल्द स्वस्थ होने की कामना करता हूं।

फिलहाल मंत्री का हालत सामान्य

स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल ने डॉक्टर को मंत्री के इलाज की तमाम तैयारियां करने के निर्देश दिए। रायपुर के कलेक्टर और एसएसपी भी हालात को मॉनिटर कर रहे हैं। एंबुलेंस के जरिए ग्रीन कॉरिडोर तैयार कर मंत्री को रायपुर लाया गया। फिलहाल मंत्री नेताम की स्थिति सामान्य बताई जा रही है। उनके सिर और हाथ में चोट लगी है।

अब सवाल यह बनता है कि खराब सड़कों के कारण हो रहे हादसों के लिए कौन है जिम्मेदार?

सड़क निर्माण में लगता है घटिया माल

सड़केंं चाहे सरकार बनाए या कोई निजी संगठन, कभी ईमानदारी नहीं दिखाई जाती है। पैसा बचाने के चक्कर में घटिया माल लगाया जाता है, जो बारिश आते ही अपना असली रूप दिखा देता है। सड़कों की टूट-फूट के बाद कई महीनों तक उसकी मरम्मत नहीं करवाई जाती। मजबूर जनता को अपनी जान जोखिम में डालकर खराब सड़कों का इस्तेमाल करना पड़ता है। नतीजा हर रोज हादसे की खबरें आती हैं। प्रशासन पैसे बटोरने के सिवा किसी काम को लेकर सजग नहीं होता।


खराब सड़कों से हो रहे हैं हादसे

अच्छी एवं गुणवत्तापूर्ण सड़कें आवश्यक हैं ।यातायात नियमों की अनदेखी तथा सवारियों एवं सामान की ओवरलोडिंग के कारण सड़क हादसों में वृद्धि हो रही है। वाहनों की तीव्रगति से आवाजाही दुर्घटनाओं का कारण बन रही है। हाईवे पर वाहन इतनी तीव्र गति से चलते हैं, जिससे बड़े हादसे हो जाते हैं। युवा फर्राटे से बाइक दौड़ाते हुए नजर आ जाते हैं। नजर हटी, दुर्घटना घटी। वाहनों की गति नियंत्रित करने की आवश्यकता है। नाबालिग को किसी सूरत में न दें वाहन।

फिर क्यों लिया जाता है टैक्स

खराब सड़कों के कारण हो रही दुर्घटनाओं के लिए सड़क परिवहन मंत्रालय और सरकार भी कुछ हद तक जिम्मेदार है। जब रोड टैक्स लिया जा रहा है, तो सड़कों की उचित देखभाल भी तो करनी चाहिए।

वोट को बनाएं हथियार

खराब सड़कों के कारण होने वाले हादसों के लिए भ्रष्ट तंत्र जिम्मेदार है। चुनाव के समय मतदाता सड़कों की खराब हालत को ध्यान में रखकर अपने मत का प्रयोग करें, खासतौर पर स्थानीय निकाय के चुनावों में, तो हालात सुधर सकते हैं। हो सकता है कि नेता सड़कों की हालत सुधारने की तरफ ध्यान देना शुरू कर दें।

कमीशन तंत्र जिम्मेदार

सड़क हादसों का एक कारण टूटी-फूटी सड़कें हैं। सड़क निर्माण में बजट का लगभग तीस प्रतिशत ही लगता है। बाकी लगभग सत्तर प्रतिशत कमीशनखोरी की भेंट चढ़ जाता है। कमीशनखोरी की ऊपर से लेकर नीचे तक चेन बनी हुई है। सड़क निर्माण में गुणवत्ता का अभाव ही हादसों को दावत देता है। इसके लिए मंत्री से लेकर संतरी तक पसरा कमीशन तंत्र जिम्मेदार है।

हादसे का इंतजार

अपने-अपने क्षेत्र के अंदर जनप्रतिनिधि ध्यान दें, तो कभी भी ऐसे हादसे नहीं होंगे। सड़कों की समय-समय पर मरम्मत होती रहे, तो सड़कें दुरुस्त रहेंगी। जब तक कोई हादसा नहीं होता तब तक इस समस्या पर ध्यान ही नहीं दिया जाता। चुनाव आने पर ही थोड़ा बहुत ध्यान दिया जाता है।

गुणवत्ता की अनदेखी

खराब सड़कों के कारण हो रहे हादसों के लिए सरकार व संबंधित विभाग जिम्मेदार हैं न तो सरकार सड़कों के निर्माण के लिए और न ही कभी मरम्मत के लिए पर्याप्त बजट देती है और न ही संबंधित विभाग के अधिकारी पर्याप्त बजट मांगते हैं। जो बजट मिलता है, उसमें भी ऊपर से नीचे तक बंदर-बांट चलती है। इसके चलते सड़कों के निर्माण की गुणवत्ता की अनदेखी कर मात्र डम्बर से कंक्रीट काली कर बिछा दी जाती है और टूटी सड़कों के लिए वर्षा को दोषी ठहराया जाता है। सरकार और संबंधित विभाग टूटी सड़कों के गड्ढे भरे और नियमानुसार ईमानदारी से सड़कें बनाए, तो सड़कें आसानी से नहीं टूट पाएंगी और हादसों से बचा जा सकता है।

जनप्रतिनिधि जिम्मेदार

बरसात में आमतौर पर सड़कों की हालत बद से बदतर हो जाती है, जिसके लिए मुख्य रूप से हमारे जनप्रतिनिधि ही जिम्मेदार हैं । न तो वे सही तरीके से सड़कों का निर्माण करा पाते हैं और न ही सड़कों का रखरखाव करवाने पर ध्यान दे पाते। भ्रष्टाचार के चलते सड़कें भी ऐसी बनती हैं कि एक ही बारिश में साफ हो जातीहैं , जिससे दुर्घटनाओं में वृद्धि होती है। सड़कों पर जगह-जगह गड्ढे नजर आते हैं। सरकार भी हादसों के बाद जागती है। जांच कमेटी बैठा दी जाती है, लेकिन जिम्मेदारों पर तो फिर भी कार्रवाई नहीं होती है।

घटिया निर्माण का नतीजा

प्रतिदिन सड़क हादसे की खबरें आती रहती हैं। ज्यादातर सड़कों पर गड्ढे सामान्य बात है। असल में घटिया निर्माण के कारण ऐसा होता है। सड़क निर्माण के दौरान गुणवत्ता का ध्यान ही नहीं रखा जाता।

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